Thursday, August 3, 2023

कश्मकश

 

तुम हकीकत हो या सपना
या सिर्फ मेरी एक कल्पना
तुम प्यार हो या चुभन
या सिर्फ शारीरिक अगन
तुम अमृत हो या ज़हर
या फिर बेजान बेअसर
तुम प्यास हो या पानी
या एक अधूरी कहानी
तुम कल थी या बनोगी कल

या सिर्फ रहोगी वर्तमान का छल
तुम रौशनी हो या अँधेरा
या एक गुमनाम बसेरा
तुम शराफत हो या बहकना
या सिर्फ मन का तड़पना
तुम मुलाकात हो या बिछड़ना
या सिर्फ रास्तों का अटकना

मैं तुम्हारी जीत हूँ या तुम मेरी हार
या है बस ये अस्तित्वों का खेल बेकार
मैं तुम्हारी परिभाषा खोजता हूँ
पर बहुत है ख्याल
आज उत्तर हो तो
क्यों कल सवाल?

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